Tuesday, March 12, 2013

प्रजाति वही , बस डाल अलग-अलग...!


आज भोरे भोरे चहचुस्की लेते खबर पढ़ी की इटली के विदेश मंत्री साहब बोले है, की वो अपने पेरोल पर इटली गए नौसैनिकों को भारत, न्यायिक कार्यवाही में भाग लेने के लिए नहीं भेजेंगे...

इ उही नौसैनिक लोग है, जो भारत के मछुआरो की नाव को, सोमालिया लुटेरो की नाव समझ कर गोली मार डाले थे, अब इटली का कहना है, की भारत डिप्लोमैटिक तरीके से इस मामले को हळ नहीं कर रहा, सो हम अपने नौसैनिकों को भारत में न्यायिक कार्यवाही का सामना करने नहीं भेजेंगे...

अचरज है, कि इटली की इस बात पर कही कोई चिरिया-चुरूंग कुच्छु नहीं बोल रहा है, बात बात पर राष्ट्र की अस्मिता का सवाल उठाने वाले बीजेपी के भाई लोग भी आरोह मुद्रा में साँस भीतर खिचे बुद्ध बने बैठे है, मनमोहन बाबा तो खैर चिरिया डराने वाले पुतले हैं, बाकि कमुनिस्ट भाई लोग भी लगता है, फगुआ मस्ती में डूबे पड़े हैं...

इटली कित्ता बड़ा देश है, हमको सही सही नहीं मालूम, मुसोलिनी के ज़माने में फासिस्ट था, इ बचपन में पढ़े थे, थोड़ा बड़े हुए तो अख़बारों में, एक ठो इटली वाली मैडम के बारे में पढ़े थे, जो इंदिरा गाँधी की पतोहू थी, और शादी के बीसेक साल बाद तक इटली की ही नागरिक थी, अब उ इंदिरा कांग्रेस की नवकी अम्मा हैं|
हम लोग पुर्तगाल से अबू सलेम को प्रत्यर्पित करा के ले आये, उ हजारो हिन्दुस्तानियों का हत्यारा है, मगर पुर्तगाल ने शर्त रख दी, कि हम उसको चाहे जो हो, फांसी की सजा नहीं देंगे, पुर्तगाल ने सलेम का प्रत्यर्पण अपनी शर्तो पर किया, और हम चिचियाते रहे, पर हमारी एक नहीं सुना, आज भी पुर्तगाल ऐसा देश, जब तब हमको धमकियाता रहता है, कि सलेम पर से इ धारा हटाओ. उ धारा हटाओ नहीं तो हम प्रत्यर्पण रद्द कर देंगे...
अउर एक ठो हम लोग हैं, कभी कभी तो लगता है कि गोरखपुर के लोग, जो सारे पोलिटिकल दलालों को हरा कर जो आशादेवी (अर्धनारी-अर्धपुरुष) को जिताए थे उ सही किए थे...

का सारी सरकार इसी बदे चुप है क्योकि इटली फ़िलहाल की सोनिया कांग्रेस की गाड मदर मातृभूमि है, अगर नहीं तो सोनिया गाँधी के छत्रप, नववधू बने क्यों बैठे है...

और बाकि भाई लोग...का तुम लोग की मुह्जोरी खाली पाकिस्तान-चीन के खिलाफ ही होती है, अरे मूर्खो ये भी राष्ट्र की अस्मिता से जुड़ा सवाल है, कुछ बोलो...!!!     

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