Tuesday, April 9, 2013

कुछ फेसबुक पर की टिप्पड़िया – (1)

"सहमत होना या असहमत होना...उतनी बड़ी बात नहीं, जितना कि अपनी सहमति या असहमति दर्शाने का तरीका, यह सहमति या असहमति जताने का जो "तरीका" है, न ...वह बड़ा महत्वपूर्ण है|
एक राष्ट्र के लिए, समाज के लिए, व्यक्ति के लिए और इन सबसे जुड़ी विचारधाराओ के लिए भी |

दुर्भाग्य से, मेरे देश के सभी राजनितिक दल और चिन्तक, इस महत्वपूर्ण पहलू की पूर्ण उपेक्षा करते है ...सभी मतलब सभी, बिना किसी अपवाद के !"

लिंक ;- https://www.facebook.com/cakashyap/posts/10200650119837024
"शम्भुनाथ शुक्ल (Shambhunath Shukla) जी का स्टेटस पढ़ते हुए मुझे यकायक अपनी होली याद हो आई...

लखनऊ के अपने फ़िलहाल के मोहल्ले "सरोजिनी नगर सोसायटी कालोनी" में नया हूँ, गिने चुने परिचित है, कुल मिला कर बस दो ...लिहाजा अपरिचित होने की वजह से कोई भी रंग लगाने नहीं आया, दस बजे के करीब अपने भाई के साथ घूमने निकला, हम दोनों लगभग तीन चार किलोमीटर का चक्कर लगा आये, न जाने कितने हुरियारों की टोलिया गुजर गयी...रंग किसी ने नहीं डाला...दो तीन बच्चे अपने घर के बाहर पिचकारी लिए खड़े थे, उन्होंने यू ही बस पिचकारी तान दी, पर रंग नहीं डाला , मै खड़ा हो गया और बोला "जब पिचकारी लिए हो तो रंग डालो" पिचकारी में सिर्फ पानी था...

होली का पानी कहा चला गया दोस्तों, रंगों की बात तो खैर बड़ी दूर है ?

(...देख कबीरा रोया )"

लिंक ;- https://www.facebook.com/cakashyap/posts/10200635333947386
"गोरखपुर और आसपास के इलाके में होली कल मनाई जाएगी...!

एक जोकर एक पूरे इलाके को जोकर बना रहा है, दुर्भाग्य से उसके साथ उन्मादी गुंडों का एक समूह है, जो शरीफ लोगों को चुप रहने को मजबूर कर देते है...

क्या कबीर अपनी कर्मभूमि पर इस "टमाटर" के कहने पर होली एक दिन बाद मनाते ?

(तुम बहुत याद आते हो, कबीर !)"
लिंक ;- https://www.facebook.com/cakashyap/posts/10200598491106338
"बम्बई में 1993 ब्लास्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में दस भगोड़ों की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया...!

...क्या जो मरे थे, वो जीवित हो उठे है, जो सजा घटाई गयी...???

(वैसे भी हमारे पॉवर इंस्टीट्यूशंश उनका कुछ बिगाड़ तो पायेगे नहीं, और वे पाकिस्तान के ज़माई बने रहेंगे)"

लिंक ;- https://www.facebook.com/cakashyap/posts/10200569470940852
"
बच्चो की तस्करी पर न्यूनतम बीस वर्ष की सजा का प्रस्ताव...
और ...
किसी महिला पर तेजाब फेकने की सजा, आजीवन कारावास...!!!

भला इस प्रस्ताव से किसको आपत्ति हो सकती है...!

है, आपत्ति है...कल संसद में ये दोनों प्रस्ताव ख़ारिज कर दिये गए...

माननीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, औरतो की सुरक्षा के बिल पर बहस के दौरान टिप्पड़ी करते नज़र आये की ;अगर पीछा नहीं करेंगे तो मोहब्बत कैसे होगी...!!!
लिंक ;- https://www.facebook.com/cakashyap/posts/10200558630749854

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