Thursday, May 23, 2013

हमारी इलेक्ट्रानिक मीडिया की एक तस्वीर ...!

करीब दो घंटा पहले Lata Shukla और अपने एक विद्यार्थी Vikas Anand से रूबरू था, कि खबर आयी, कि जिस बहुराष्ट्रीय शीतल पेय उत्पादक कम्पनी में मै काम करता हूँ, उसके एक डिपो में आग लग गयी है, लिहाजा तत्काल मै डीपो पंहुचा, आग भयंकर थी और फ़्रिज, डीप फ्रीज़र, आईस बाक्स और एक दम नए आये सोलर फ़्रिज वाला पूरा का पूरा हिस्सा आग के चपेट में था |
इलेक्ट्रानिक मिडिया के लोग डिपो पर भरभरा कर टूटे पड़े थे और रिकार्डिंग कर रहे थे, न्यूज प्लस नामधारी एक समाचार चैनल के एक उत्साही कैमरामैन+रिपोर्टर को बाकी रिपोर्टर के साथ मैंने खतरनाक ढंग से फ़ैल रही आग के क्षेत्र से हटने को कहा, जहा बाकी सारे लोग हट गए, वह जबरदस्ती शूट किये जा रहा था, अन्ततः मुझे उससे कड़ाई से कहना पड़ा, कि उसे अपनी फ़िक्र भले न हो, पर मुझे उसकी फ़िक्र है और वो उस क्षेत्र से तत्काल हट जाये, पर बजाय हटने के वह मुझे बताने लगा "मुझे अपना काम पता है' ये मेरा रोज का काम है" मैंने उसे समझाया पर वह दिक् किये जा रहा था और हटने का नाम नहीं ले रहा था, बातचीत में वह "तुम" का इस्तेमाल कर रहा था और कह रहा था "तुम खबर लेने से हमको रोक लोगे" ऐसे बेहुदे कथित पत्रकारों को ये भी नहीं पता "खबर लेना उनका कर्तव्य है, अधिकार नहीं | वह मेरे जैसे पचासों आये -गए की बात कर रहा था और हटने से इंकार कर रहा था, मेरे लिए उसकी सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा था, और वह मै अपनी सुरक्षा कर लूँगा पर अडा हुआ था और अन्तःतः "नहीं हटूंगा क्या कर लोगे " पर आ गया |
...अंततः मेरा धैर्य जबाब दे गया, मैंने उसके गले पर हाथ लगाया और धक्का दे कर पीछे धकेल दिया, क्रोध में मैंने उससे कहा "तुम्हारे जैसे दो कौड़ी के आदमी की औकात , कैमरा ले लेने से पत्रकार की नहीं हो जाती" मै क्रोध में था और मैंने कहा "चार लाठी लगवाता हूँ, बनाओ एक और ख़बर" मैंने गार्ड्स को आवाज लगायी पर वह शोर-गुल में दब गयी, पर तब-तक उसे ये समझ में आ चूका था कि उसका पाला गलत आदमी से पड़ा है...और उसने कहा "हाथ हटाओ , पहले हाथ हटाओ जा रहा हूँ, न!"
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सारे चैनल वाले बस अलग -अलग कोणों से तस्वीर खीच रहे थे, और फिर पुलिस कप्तान को घेर कर खड़े हो गए "सर एक बाईट" पुलिस कप्तान का दो-तीन वाक्य का बयान, कुछ आती फायर ब्रिगेड की गाडियों को शूट किया, चलो हो गयी रिपोर्टिंग
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... .... क्या समाचार चैनलों के इस तरह के कैमरामैन+रिपोर्टर के लिए शादी की रिकार्डिंग तक सिमित रहना ही बेहतर नहीं है, या हम इन्हें पत्रकार की जगह एक "लाइव -फीड सेंडर" मात्र माने |
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