Thursday, May 23, 2013

डंडे - झंडे की भाषा जानवर भी समझता है |

कोई भी विचारधारा इनती पूर्ण नहीं होती, कि किसी और विचारधारा से सामंजस्य की गुंजाईश ही न बचे और अगर ऐसा है, तो जो विचारधारा विचारो में सामंजस्य और परस्पर सम्मान कायम करने में असफल है, वो सामाजिक समरसता की स्थापना में कतई सहायक नहीं हो सकती |
कोई भी किताब, चाहे वो राजनैतिक मूल्यों से जुड़ी हो या सामाजिक अथवा धार्मिक सरोकारों से, पर जुड़ाव, अंतत समाज से रहता है, और समाज से या सामाजिक सरोकारों से जुड़े विचार हमेशा काल और समाज के सापेक्ष और उसी के अनुरूप गत्यात्मक भी होने चाहिए, काल या समाज से निरपेक्ष कोई भी विचारधारा बदलते समय के अनुशीलन में असमर्थ रहने पर समाज में सिर्फ और सिर्फ सड़ांध भरी दुर्गन्ध पैदा करेगी और स्वस्थ सामाजिक विकास से जुड़े सरोकारों के प्रवाह में बाधा पैदा करेगी |

...किसी भी विचारधारा से जुड़ने की पहली शर्त ही "आलोचना" होनी चाहिए, अगर आपकी विचारधारा आपके दिमाग पर बंदिशे थोपती है और आपको एकांगी बनाती है, इसका अर्थ है एक व्यक्ति के तौर पर यह आपके सम्पूर्ण विकास में बाधक है, और इस तरह की बाधाये, जो भी विचारधारा, समाज के प्राथमिक इकाई के विकास में ही थोप रही हो, उसके जरिये स्वस्थ समाज का सपना देखना, या ऐसी उम्मीद करना बेमानी है और निश्चित ही ऐसी विचारधारा को अस्वीकार कर देना स्वस्थ सामाजिक मूल्यों की स्थापना की प्रक्रिया में अत्यंत आवश्यक है, वैसे भी यह कतई आवश्यक नहीं की सभी विचारधाराए समाज की स्वीकृति प्राप्त ही करे, अथवा अतीत में सामाजिक स्वीकृति प्राप्त, चाहे किसी भी वजह से, विचारधारा को अतीत की स्वीकृति के आधार मात्र पर अपने समाज के लिए हम भी स्वीकार करे| वैसे भी समाज और उससे जुड़े आचार, मूल्य और कायदे कानून गत्यात्मक होने ही चाहिए |

किसी भी विचारधारा से जुड़ने पर उसके मूल के अतिरिक्त अन्य बाते गौड़ होती हैं, वही महत्वपूर्ण भी है, लिहाजा किसी विचारधारा के मूल विचार के अतिरिक्त अन्य विचार व्यक्ति सापेक्ष होने चाहिए, अगर ऐसा है तो आप व्यक्ति के तौर पर एक विचारधारा को लेकर चल रहे है, जिसमे अपने व्यक्तिगत समालोचना से आप आवश्यक परिवर्तन भी कर रहे है, और तब आप सही है, अन्यथा आप विचारधारा नहीं उसके "झंडे-डंडे" को लेकर चल रहे है और उन्ही से शासित हो रहे हैं|
डंडे-झंडे की भाषा तो जानवर  भी समझता है... |
-------------------------------------------------------------------- कश्यप किशोर मिश्र |
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